शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाये (Sperm Count Kaise Badhaye)

आज के समय में बहुत-से पुरुषों को शुक्राणु की कम संख्या की समस्या होती है। कई बार यह बात तब सामने आती है, जब पति-पत्नी को बच्चा होने में परेशानी आने लगती है। इस वजह से तनाव भी बढ़ जाता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सही जानकारी, अच्छा खाना और थोड़े-से जीवनशैली में बदलाव से शुक्राणु की संख्या और उनकी ताकत दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।
इस ब्लॉग में हम बिल्कुल सरल और आसान हिंदी में बताएँगे कि शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाये, इसके कारण क्या हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में क्या-क्या करना चाहिए।

शुक्राणु क्या होते हैं और क्यों ज़रूरी हैं?

शुक्राणु (Sperm) पुरुष के वीर्य (Semen) में पाए जाने वाली बहुत छोटी कोशिकाएँ होती हैं। यही शुक्राणु महिला के अंडाणु (Egg / Ovum) से मिलकर गर्भ ठहराने में मदद करते हैं।

बच्चा होने के लिए केवल शुक्राणु होना ही काफी नहीं होता, बल्कि:

  • उनकी संख्या ठीक होनी चाहिए हैं

  • वे आगे बढ़ने में सक्षम  होने

  • उनका आकार सही हो

अगर इनमें से किसी भी चीज़ में कमी होती है, तो गर्भधारण में देर हो सकती है।

शुक्राणु की संख्या कम होने के आम कारण

1. गलत खान-पान

ज्यादा तला-भुना, बाहर का खाना, पैकेट वाला फूड खाने से शरीर को ज़रूरी पोषण नहीं मिलता। इसका सीधा असर शुक्राणुओं पर पड़ता है।

2. सिगरेट, शराब और तंबाकू

ये आदतें शुक्राणु की संख्या कम कर देती हैं और उन्हें कमज़ोर बना देती हैं। लंबे समय तक सेवन करने से परेशानी बढ़ सकती है।

3. ज्यादा तनाव

लगातार टेंशन लेने से शरीर के हार्मोन बिगड़ जाते हैं। इससे शुक्राणु बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

4. नींद पूरी न होना

जो लोग रोज़ 5–6 घंटे ही सोते हैं, उनके शरीर को ठीक से आराम नहीं मिलता। इसका असर पुरुषों की सेहत और शुक्राणुओं पर पड़ता है।

5. मोटापा

बहुत ज़्यादा वजन होने से शरीर में हार्मोन गड़बड़ हो सकते हैं, जिससे शुक्राणु कम बनते हैं।

6. अंडकोष का ज्यादा गरम रहना

  • बहुत टाइट अंडरवियर पहनना

  • गोद में लैपटॉप रखकर काम करना

  • बहुत देर गर्म पानी से नहाना
    इन आदतों से अंडकोष का तापमान बढ़ता है, जो ठीक नहीं है।

शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाये: आसान और असरदार तरीके

1. सही और सादा खाना खाएँ

अच्छा खाना शुक्राणु बढ़ाने की सबसे पहली सीढ़ी है।

इन चीज़ों को रोज़ के खाने में शामिल करें:

  • हरी सब्ज़ियाँ जैसे पालक, मेथी, लौकी

  • फल जैसे अनार, सेब, केला, संतरा

  • बादाम, अखरोट, मूंगफली

  • दालें, चना, राजमा

  • दूध, दही और पनीर

ये सभी चीज़ें शरीर को ताकत देती हैं और शुक्राणुओं को बेहतर बनाती हैं।

2. जंक फूड और मीठा कम करें

बार-बार बर्गर, पिज़्ज़ा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और बहुत मीठा खाने से शरीर में गंदगी जमा होती है। इससे शुक्राणु बनने में दिक्कत आती है।

3. रोज़ थोड़ा व्यायाम ज़रूर करें

हर दिन 30 मिनट तेज़ चलना, हल्की दौड़ या साइकिल चलाना बहुत फायदेमंद होता है।
इसके अलावा योग और सांस की एक्सरसाइज़ भी मदद करती हैं।
ध्यान रखें, बहुत ज़्यादा भारी एक्सरसाइज़ न करें।

4. तनाव कम रखें

तनाव कम करना बहुत ज़रूरी है।

  • रोज़ कुछ समय अपने लिए निकालें

  • मोबाइल और टीवी से थोड़ा ब्रेक लें

  • गहरी सांस लें या हल्का ध्यान करें

शांत दिमाग से शरीर बेहतर काम करता है।

5. पूरी नींद लें

हर दिन 7–8 घंटे की नींद ज़रूरी है। नींद के दौरान शरीर खुद को ठीक करता है और हार्मोन संतुलित रहते हैं।

6. नशे से दूरी बनाएँ

अगर आप सच में जानना चाहते हैं कि शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाये, तो:

  • सिगरेट छोड़ें

  • शराब कम करें या पूरी तरह बंद करें

  • तंबाकू न लें

इन आदतों को छोड़ने से कुछ महीनों में फर्क दिखने लगता है।

7. घर के आसान उपाय

  • सुबह खाली पेट अखरोट और शहद

  • अश्वगंधा या शिलाजीत (डॉक्टर से पूछकर)

ये उपाय मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें दवा न समझें।

असर दिखने में कितना समय लगता है?

शुक्राणु बनने की प्रक्रिया में लगभग 2–3 महीने लगते हैं। इसलिए किसी भी उपाय का असर तुरंत नहीं दिखता। लगातार सही आदतें अपनाने से धीरे-धीरे सुधार होता है।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • 1 साल तक कोशिश करने पर भी बच्चा न हो

  • जाँच में शुक्राणु बहुत कम आएँ

  • अंडकोष में दर्द, सूजन या जलन हो

समय पर डॉक्टर को दिखाने से सही इलाज मिल सकता है।

निष्कर्ष

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि शुक्राणु की संख्या कैसे बढ़ाये, तो इसका कोई जादू नहीं है। लेकिन अच्छा खाना, रोज़ हल्का व्यायाम, पूरी नींद, कम तनाव और नशे से दूरी—ये सब मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं। थोड़े-से धैर्य और सही आदतों के साथ पुरुषों की सेहत और शुक्राणु दोनों बेहतर बनाए जा सकते हैं। अगर फिर भी समस्या बनी रहे, तो SCI IVF Hospital में सही जाँच और अनुभवी डॉक्टरों की सलाह लेकर समय पर इलाज कराना फायदेमंद हो सकता है। SCI IVF Hospital में आप डॉ. विशाल दत्त गौर (Dr. Vishal Dutt Gour), कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट एवं एंड्रोलॉजिस्ट से भी परामर्श ले सकते हैं, ताकि सही कारण पता चल सके और उचित इलाज समय पर शुरू किया जा सके।