Ovarian Cyst Meaning in Hindi - ओवरी में गांठ कैसे बनती है और सिस्ट होने के कारण, लक्षण
ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) का अर्थ है अंडाशय (ओवरी) में तरल से भरी एक छोटी या बड़ी थैली का बन जाना। इसे आम भाषा में ओवरी में गांठ भी कहा जाता है। यह समस्या महिलाओं में काफी आम है, खासकर उम्र (15–45 वर्ष) में।
अच्छी बात यह है कि ज्यादातर ओवेरियन सिस्ट नुकसानदेह नहीं होते और कई बार बिना किसी इलाज के अपने आप ठीक हो जाते हैं। इस ब्लॉग का उद्देश्य महिलाओं को सरल हिंदी में यह समझाना है कि ओवरी में गांठ कैसे बनती है, इसके कारण, लक्षण और इलाज क्या हैं, ताकि समय रहते सही कदम उठाया जा सके।
ओवेरियन सिस्ट के प्रकार in Hindi
ओवेरियन सिस्ट मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
1. फंक्शनल सिस्ट (Functional Cyst)
फंक्शनल सिस्ट सबसे ज्यादा पाए जाने वाले ओवेरियन सिस्ट होते हैं और ये आमतौर पर मासिक धर्म चक्र के दौरान बनने वाले हार्मोनल बदलावों से जुड़े होते हैं। जब ओवरी में अंडा बनने और निकलने की प्रक्रिया सामान्य तरीके से पूरी नहीं हो पाती, तब इस प्रकार के सिस्ट बन सकते हैं।
- यह मासिक धर्म चक्र के दौरान बनते हैं
- फॉलिकुलर सिस्ट: जब अंडा (Egg) ओवरी से बाहर नहीं निकल पाता
- कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट: अंडा निकलने के बाद बनी थैली में तरल भर जाने से
इस तरह के सिस्ट अधिकतर मामलों में नुकसानदेह नहीं होते और कुछ हफ्तों या महीनों के भीतर अपने आप ही खत्म हो जाते हैं, बिना किसी विशेष इलाज के।
2. पैथोलॉजिकल सिस्ट (Pathological Cyst)
पैथोलॉजिकल सिस्ट असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि के कारण बनते हैं। ये सामान्य सिस्ट की तुलना में ज्यादा ध्यान देने योग्य होते हैं क्योंकि कई बार ये अपने आप ठीक नहीं होते।
- डर्मोइड सिस्ट
- सिस्टेडेनोमा
- ऐसे मामलों में डॉक्टर स्थिति के अनुसार दवा या सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।
3. एंडोमेट्रियोमा (Endometrioma)
एंडोमेट्रियोमा सिस्ट एंडोमेट्रियोसिस की वजह से बनते हैं। इन्हें आम भाषा में चॉकलेट सिस्ट कहा जाता है क्योंकि इनमें पुराना, गाढ़ा खून जमा रहता है।
- एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ा सिस्ट
- लंबे समय तक रहने पर दर्द और पीरियड्स की समस्या पैदा कर सकता है
इस प्रकार के सिस्ट में नियमित जांच और सही इलाज बहुत जरूरी होता है।
ओवरी में गांठ कैसे बनती है? (How Do Ovarian Cysts Form?)
हर महीने महिला की ओवरी में एक अंडा तैयार होता है और ओव्यूलेशन के समय बाहर निकलता है। यह पूरी प्रक्रिया हार्मोन के संतुलन पर निर्भर करती है। लेकिन जब किसी कारण से अंडा ओवरी से बाहर नहीं निकल पाता, या अंडा निकलने के बाद फॉलिकल की थैली बंद नहीं होती, तो उस थैली में तरल जमा होने लगता है। यही जमा हुआ तरल धीरे-धीरे बढ़कर ओवरी में गांठ या ओवेरियन सिस्ट का रूप ले लेता है।
ओवेरियन सिस्ट होने के मुख्य कारण in Hindi
ओवरी में गांठ बनने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव और कुछ मेडिकल स्थितियां शामिल हैं।
- हार्मोनल असंतुलन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में गड़बड़ी)
- PCOS / PCOD
- गर्भावस्था के शुरुआती समय में
- पेल्विक इंफेक्शन (PID)
- एंडोमेट्रियोसिस
ओवेरियन सिस्ट के लक्षण (Symptoms)
कई महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट होने पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। लेकिन कुछ मामलों में नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं:
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन
- पीरियड्स का अनियमित होना या बहुत दर्द होना
- पेट फूलना या सूजन
- संबंध बनाते समय दर्द
- बार-बार पेशाब आना
डॉक्टर को कब दिखाएं? (Warning Signs)
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें:
- अचानक तेज और असहनीय पेट दर्द
- दर्द के साथ बुखार या उल्टी
- चक्कर आना या बहुत कमजोरी महसूस होना
नोट: ये सिस्ट फटने या ओवरी के मुड़ने (Ovarian Torsion) के संकेत हो सकते हैं।
ओवेरियन सिस्ट की जांच (Diagnosis)
सही जांच से ही सही इलाज संभव है। इसके लिए डॉक्टर ये टेस्ट करा सकते हैं:
- पेल्विक अल्ट्रासाउंड – सिस्ट का आकार और प्रकार जानने के लिए
- ब्लड टेस्ट (CA-125) – जरूरत पड़ने पर
- हार्मोनल टेस्ट – हार्मोन की स्थिति जानने के लिए
ओवेरियन सिस्ट का इलाज in Hindi
इलाज सिस्ट के साइज, प्रकार और लक्षणों पर निर्भर करता है:
- वेट एंड वॉच (Watchful Waiting): छोटे सिस्ट अपने आप ठीक हो सकते हैं
- दवाएं: हार्मोनल गोलियां नए सिस्ट बनने से रोकती हैं
- सर्जरी:
लैप्रोस्कोपी (छोटे चीरे से)
लैप्रोटॉमी (जरूरत पड़ने पर बड़ा ऑपरेशन)
जीवनशैली और रोकथाम के उपाय (Prevention & Lifestyle)
ओवेरियन सिस्ट से बचाव के लिए:
- नियमित व्यायाम करें
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- वजन नियंत्रित रखें
- समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं
- योग और ध्यान से तनाव कम करें
निष्कर्ष
ओवेरियन सिस्ट एक आम लेकिन समझने योग्य समस्या है। घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षणों को अनदेखा करना भी सही नहीं है। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
अगर आपको ओवरी में गांठ से जुड़े कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, या आप सही इलाज को लेकर असमंजस में हैं, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। महिलाओं की प्रजनन से जुड़ी समस्याओं के सही निदान और उपचार के लिए SCI IVF Hospital Delhi अनुभवी डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं के साथ भरोसेमंद इलाज प्रदान करता है।
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